BHAAV SAMADHI VICHAAR SAMADHI - Hindi BHAJAN

Hymn No. 6370 | Date: 07-Sep-1996
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वही तो था मैं, वही तो था मैं, वही तो था मैं

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Vahi To Tha Mein, Vahi To Tha Mein, Vahi To Tha Mein

જીવન માર્ગ, સમજ (Life Approach, Understanding)


Hindi Bhajan no. 6370 by Satguru Devendra Ghia - Kaka
वही तो था मैं, वही तो था मैं, वही तो था मैं,
क्या हुआ, कैसे हुआ, समझमें न आया, जीवन का नक्शा मेरा बदल गया।
समझ में न आती थी जो बातें, समझ में आने लगी - जीवन का...
अशांत रहने वाला मन तो मेरा, आज शांत होने लगा - जीवन का...
नाकामयाबियों के गड्डे में गिरा हुआ, जीवन के शिखर सिर किया - जीवन का...
नफरत की आग जो पाई थी, आज वह प्रशंसनीय बन गया - जीवन का...
अकेला जीवन में घूम रहा था, आज सब पीछे मेरे घूम रहे - जीवन का...
सबको सलाम जो दे रहा था, आज सब सलाम मुझे दे रहे - जीवन का...
सबका जो मैं सुन रहा था, आज मुझे सब सुन रहे - जीवन का...
भाग्य जीवन में जब पलट गया, सब का प्यारा बन गया - जीवन का...
सतगुरू देवेंद्र घिया (काका)




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Publications
He has written about 10,000 hymns which cover various aspects of spirituality, such as devotion, inner knowledge, truth, meditation, right action and right living. Most of the Bhajans are in Gujarati, but there is also a treasure trove of Bhajans in English, Hindi and Marathi languages.
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