BHAAV SAMADHI VICHAAR SAMADHI - Hindi BHAJAN

Hymn No. 3636 | Date: 18-Jan-1992
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ना कोई आगे की सोचे, ना कोई पीछे की सोचे, सब सबकी ही सोचे

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Na Koee Aage Kee Noche, Na Poee Keechhe Kee Soche, Sab Sabakee Hee Soche

જીવન માર્ગ, સમજ (Life Approach, Understanding)


Hindi Bhajan no. 3636 by Satguru Devendra Ghia - Kaka
ना कोई आगे की सोचे, ना कोई पीछे की सोचे, सब सबकी ही सोचे,
जानते हैं सब, मानते हैं सब, प्रभु करे सो होवे, फिर भी भूलते रहे।
करते रहते हैं कर्म तो जग में, ना है किसी के कर्म ना अच्छे होवे,
करे ना किसी का भला, सोचे खुद का ही भला, भला कैसे होवे?
पकड़े ना रास्ता सच्चा, छोड़े ना गलत रास्ता, भला कैसे होवे?
लोभ, लालच लाये बैर की बारी, छोडने की ना है तैयारी, भला कैसे होवे?
करे ना कोई तैयारी, रहे ना तैयार, करे सामना कैसे, भला कैसे होवे?
डूबे रहे आलस में, समय खोते रहे, कहो भला कैसे होवे?
सतगुरू देवेंद्र घिया (काका)




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Publications
He has written about 10,000 hymns which cover various aspects of spirituality, such as devotion, inner knowledge, truth, meditation, right action and right living. Most of the Bhajans are in Gujarati, but there is also a treasure trove of Bhajans in English, Hindi and Marathi languages.
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