BHAAV SAMADHI VICHAAR SAMADHI - Hindi BHAJAN

Hymn No. 6611 | Date: 08-Feb-1997
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मजा आ गया, मजा आ गया, मजा आ गया

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Maja Aa Gaya, Maja Aa Gaya, Maja Aa Gaya

મન, દિલ, ભાવ, વિચાર, યાદ (Mind, Heart, Feelings, Thoughts, Remembrance)


Hindi Bhajan no. 6611 by Satguru Devendra Ghia - Kaka
मजा आ गया, मजा आ गया, मजा आ गया,
जीवन में तो बस मजा गया, मजा आ गया।
रखता है नज़र, तू हम पर, दिल में यह यकीन हो जाये,
हर साँस चल रही है, आस ब़ढ़ रही है, तेरा दीदार मिल जाये।
हर विचार में रहे तू बुलंद इतना हो जाये, तेरे चरणों में पहुँच जाये,
लड़खड़ाते कदम हमारे, तेरी कृपा से स्थिर हो जाये, वह समझ में आये।
लूट रही है किस्मत, हमारे जीवन का नशा, तेरी कृपा से वह रुक जाये,
तेरे नाम का नशा, बढ़ता ही बढ़ता जाये, तू झूम उठे उसमें
मानते हैं जानते हैं, तू सब जगह समाया है, हर जगह पर झलक तेरी मिल जाये।
यकीन तेरा, दिल में रहा भरा भरा, यकीन तुझ में बढ़ता ही बढ़ता जाये।
तेरी इंत़जार में, हम हमारे होश खो जाये, जीवन में तब मजा आ जाये।
सतगुरू देवेंद्र घिया (काका)




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Publications
He has written about 10,000 hymns which cover various aspects of spirituality, such as devotion, inner knowledge, truth, meditation, right action and right living. Most of the Bhajans are in Gujarati, but there is also a treasure trove of Bhajans in English, Hindi and Marathi languages.
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