BHAAV SAMADHI VICHAAR SAMADHI - Hindi BHAJAN

Hymn No. 4820 | Date: 20-Jul-1993
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कहूँ तो मैं, कैसे कहूँ, प्रभु कहूँ तो मैं कैसे कहूँ?

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Kahoon To Main, Kaise Kahoon, Prabhu Kahoon To Main Kaise Kahoon?

પ્રેમ, ભક્તિ, શિસ્ત, શાંતિ (Love, Worship, Discipline, Peace)


Hindi Bhajan no. 4820 by Satguru Devendra Ghia - Kaka
कहूँ तो मैं, कैसे कहूँ, प्रभु कहूँ तो मैं कैसे कहूँ?
कहना चाहता हूँ, है जो दिल में, जुबाँ पर मैं ना ला सकूँ
कहना चाहता बहुत कुछ, फिर भी कुछ मैं ना कह सकूँ
कहना है जब तुझे प्रभु, आता नही समझ में, कहाँ से शुरू करूँ?
दुःख की बात कहूँ तुझे प्रभु, या सुख की बात तो मैं करूँ
है दिल में जो, कहना चाहता हूँ, जुबाँ पर वह कैसे लाऊँ
तेरे बिना ना है कोई सुनने वाला मेरा, तुझे बात मेरी कहूँ?
आज नहीं तो कल, कहनी पड़ेगी, क्यों ना आज ही कहूँ?
सतगुरू देवेंद्र घिया (काका)




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Publications
He has written about 10,000 hymns which cover various aspects of spirituality, such as devotion, inner knowledge, truth, meditation, right action and right living. Most of the Bhajans are in Gujarati, but there is also a treasure trove of Bhajans in English, Hindi and Marathi languages.
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