BHAAV SAMADHI VICHAAR SAMADHI - Hindi BHAJAN

Hymn No. 3273 | Date: 07-Jul-1991
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छोड़ ना कसर, कर ले दिल से बंदगी तू, दिल के साथ

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Chhod Na Kasar, Kar Le Dil Se Bandagee Too, Dil Ke Saath

જીવન માર્ગ, સમજ (Life Approach, Understanding)


Hindi Bhajan no. 3273 by Satguru Devendra Ghia - Kaka
छोड़ ना कसर, कर ले दिल से बंदगी तू, दिल के साथ,
है दिल भी तेरा, प्रभु है तेरा, रख ना कसर की कोई बातका।
जब वह है तेरा, बन तू उसका, रख ना डर की कोई बातका,
छोड़ गये सब तो जग, ना लाये कुछ, ना लेके गये अपने साथ।
अँधेरा और उजाला है तो जग में, चलना किस में है तो अपने हाथ,
रह न सकेगा कायम कोई जग में, फिर सोच ना तू जग की बात।
आया है जग में, पाना है प्रभु को, तन है साधन तो तेरे पास,
मिलते बिछडते रहेंगे सब तो जग में, सोच तू यह अपने आप।
सतगुरू देवेंद्र घिया (काका)





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Publications
He has written about 10,000 hymns which cover various aspects of spirituality, such as devotion, inner knowledge, truth, meditation, right action and right living. Most of the Bhajans are in Gujarati, but there is also a treasure trove of Bhajans in English, Hindi and Marathi languages.
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