BHAAV SAMADHI VICHAAR SAMADHI - Hindi BHAJAN

Hymn No. 4391 | Date: 06-Dec-1992
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अब तो कुछ बिगड़ा नही, अब तो कुछ बिगडा नही

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Ab To Kuchh Bigada Nahee, Ab To Kuchh Bigada Nahee

જીવન માર્ગ, સમજ (Life Approach, Understanding)


Hindi Bhajan no. 4391 by Satguru Devendra Ghia - Kaka
अब तो कुछ बिगड़ा नही, अब तो कुछ बिगडा नही
सुधार ले सब गलतियाँ, है जब जीवन हाथ में तो तेरे।
निकल जाये जब बाजी हाथ में से तेरे, सुधार ले उसे पहले,
करता गया, जीवन में सोचे बिना, पड़े ना रोना तो जीवन में।
बीते जा रहा है जीवन तेरे हाथ से, कर ले जीवन में प्रभु से प्यार,
समझ ले जीवन में जो, समझना चाहिये, जब समय है तेरे पास।
तन बदन में जब जोश है, मन में उमंग है, हो सके तो सुधार,
है फायदा तो तेरा, सोच ले जरा, देर मन अभी तो लगा।
तुझे ही करना पड़ेगा, जब काम है तेरा, अब तो शुरू हो जा,
अब सोचना ना, क्या खोया, अब सोच ले, जीवन में है क्या पाना।
सतगुरू देवेंद्र घिया (काका)




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Publications
He has written about 10,000 hymns which cover various aspects of spirituality, such as devotion, inner knowledge, truth, meditation, right action and right living. Most of the Bhajans are in Gujarati, but there is also a treasure trove of Bhajans in English, Hindi and Marathi languages.
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