BHAAV SAMADHI VICHAAR SAMADHI - Hindi BHAJAN

Hymn No. 6620 | Date: 09-Feb-1997
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ऐतबार आ गया, ऐतबार आ गया, दिल में हमें, ऐतबार आ गया।

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Aitbar Aa Gaya, Aitbar Aa Gayaa, Dil Mein Hame, Aitbar Aa Gaya

પ્રેમ, ભક્તિ, શિસ્ત, શાંતિ (Love, Worship, Discipline, Peace)


Hindi Bhajan no. 6620 by Satguru Devendra Ghia - Kaka
ऐतबार आ गया, ऐतबार आ गया, दिल में हमें, ऐतबार आ गया।
एक बार अपनी झलक हमें, तू दिखा गया, तेरे प्यार में हमें
मेरी नज़रों में तो, मूरत तेरी नाचने लगी, तेरी हर अदा का दीदार हो गया।
हर साँस में हमारे, तेरे विश्वास की गरमी जब आ गई,
यह ना कोई झूठी खुशामत या झूठी तारीफ नहीं है, है अनुभव खुदा का,
चाहिए ना और कोई, तेरे मेरे बीच में, जब अपनी बात की शुरूआत हो गई।
तुझे क्या पता तेरा वह प्यार भरा मुस्कुराना, दिल के दर्द की दवा बन गया।
तेरा ऐतबार, हमारा ऐतबार बढ़ा गया, इस बात का हमें यकीन आ गया।
थी कमी जिसकी जीवन में, उस कमी को ना तूने तो रहने दिया,
हमारा प्यार भी है सच्चा, इस बात का सबूत तूने हमे दे दिया।
सतगुरू देवेंद्र घिया (काका)




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He has written about 10,000 hymns which cover various aspects of spirituality, such as devotion, inner knowledge, truth, meditation, right action and right living. Most of the Bhajans are in Gujarati, but there is also a treasure trove of Bhajans in English, Hindi and Marathi languages.
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