BHAAV SAMADHI VICHAAR SAMADHI - Hindi BHAJAN

Hymn No. 6655 | Date: 02-Mar-1997
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ख्वाबों में मोहब्बत में, क्यों जीवन में तू डूबे जा रहा है तू बंदे?

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Khawabo Mein Mohabbat Mein, Kyo Jivan Main Tu Dube Ja Raha Hai Tu Bande?

જીવન માર્ગ, સમજ (Life Approach, Understanding)


Hindi Bhajan no. 6655 by Satguru Devendra Ghia - Kaka
ख्वाबों में मोहब्बत में, क्यों जीवन में तू डूबे जा रहा है तू बंदे?
ख्वाबों में मोहब्बत को, हकीकत मोहब्बत में, बदल दे, जीवन में तू प्यारे।
मिल गई है क्या, तेरे दिल को तसल्ली प्यार की तो जीवन में?
टिक नही सकती मोहब्बत की मिनारें, सच्ची मोहब्बत बिना जीवन के आँगन में।
हकीकतें मुहब्बत को चाहिये, जीवन में तो दो मोहब्बत भरी निगाहें।
सूखी रेती में खिल नहीं सकती है, फूल की बगिया प्यारे।
शिकायत ना करना मोहब्बत की, दिल में ताकत नहीं है जब प्यारे,
झूठी मोहब्बत के सहारे, ना ख्वाब बन सकेगा हकीकत तो प्यारे।
सतगुरू देवेंद्र घिया (काका)




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Publications
He has written about 10,000 hymns which cover various aspects of spirituality, such as devotion, inner knowledge, truth, meditation, right action and right living. Most of the Bhajans are in Gujarati, but there is also a treasure trove of Bhajans in English, Hindi and Marathi languages.
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