BHAAV SAMADHI VICHAAR SAMADHI - Hindi BHAJAN

Hymn No. 4810 | Date: 16-Jul-1993
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छोड़ दे, छोड़ दे, तू छोड़ दे, अब तो आँसू बरसाना नयना तू छोड़ दे

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Chhod De, Chhod De, Too Chhod De, Ab To Ansoo Barasaana Nayana Too Chhod De

મન, દિલ, ભાવ, વિચાર, યાદ (Mind, Heart, Feelings, Thoughts, Remembrance)


Hindi Bhajan no. 4810 by Satguru Devendra Ghia - Kaka
छोड़ दे, छोड़ दे, तू छोड़ दे, अब तो आँसू बरसाना नयना तू छोड़ दे,
रख यकीन तू तेरे दिल में, बसेंगे आके वह, एक दिन तो तेरे दिल में।
राह देखी है तूने तो जितनी, देखनी पड़ेगी राह ना अब तो उतनी,
पुकार तेरे दिल की, अब जायेगी ना खाली, अब आकर बसेंगे तेरे दिल में।
आँसू की जगह बिछा दे फूल उनके पथ पर, हँसकर आकर बसेंगे तेरे दिल में,
रहता नही जब दिल तो तेरे हाथ में, नयनों को ना सजा उनकी तू दे।
दिल भी है तो तेरा, नयन भी हैं तो तेरे, जीवन में मेल उनका तू कर ले,
बार बार बरसाती रहेगी जो तू आँसू, मिलेगा ना कुछ तुझे तो हाथ में।
सतगुरू देवेंद्र घिया (काका)




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Publications
He has written about 10,000 hymns which cover various aspects of spirituality, such as devotion, inner knowledge, truth, meditation, right action and right living. Most of the Bhajans are in Gujarati, but there is also a treasure trove of Bhajans in English, Hindi and Marathi languages.
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