BHAAV SAMADHI VICHAAR SAMADHI - Hindi BHAJAN

Hymn No. 3139 | Date: 09-Apr-1991
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ना पूछो मुझे प्यारे, मैं कौन हूँ, कहाँ से आया हूँ?

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Na Poochho Mujhe Pyaare, Main Kaun Hoon, Kahaan Se Aaya Hoon?

જ્ઞાન, સત્ય, આભાર (Knowledge, Truth, Thanks)


Hindi Bhajan no. 3139 by Satguru Devendra Ghia - Kaka
ना पूछो मुझे प्यारे, मैं कौन हूँ, कहाँ से आया हूँ?
ना मैं वह जानता हूँ, ना बतला सकता हूँ।
देख रहा हूँ, जग में तो प्यारे, आने वाले आते हैं, जाने वाले जाते हैं,
ना कामयाब रही हर कोशिशें, रुक ना सकी यादों की बारातें।
ना किसी के कहने से, जग में तो ना कोई रुक सके,
हर दृश्य गुजर रहा है, नज़र के सामने से, ना वह रुक सके।
रुक न सके जीवन में, पवन, दिन और रातें
हर घड़ी हर पल जीवन में बदलती रहे, किसी के लिए ना रुके।
सतगुरू देवेंद्र घिया (काका)




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Publications
He has written about 10,000 hymns which cover various aspects of spirituality, such as devotion, inner knowledge, truth, meditation, right action and right living. Most of the Bhajans are in Gujarati, but there is also a treasure trove of Bhajans in English, Hindi and Marathi languages.
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