BHAAV SAMADHI VICHAAR SAMADHI - Hindi BHAJAN

Hymn No. 7461 | Date: 10-Jul-1998
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कभी तो मिले थे, कहाँ तो मिले थे, मिलता नही, अंदाजा तो नज़रों से

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Kabhi To Mile The, Kaha To Mile The,Milta Nahi , Andaja To Najro Se

મન, દિલ, ભાવ, વિચાર, યાદ (Mind, Heart, Feelings, Thoughts, Remembrance)


Hindi Bhajan no. 7461 by Satguru Devendra Ghia - Kaka
कभी तो मिले थे, कहाँ तो मिले थे, मिलता नही, अंदाजा तो नज़रों से,
हलचल मची तो दिल में, हटी ना नजरें तो नजरों से, की अजब हालत उसने।
मूरत लगी कुछ पहचानी-सी, मिला ना अंदाजा, पहचान थी कब से,
उठा ना सका नज़र, नज़रों से, उठा अजब सा तनाव तो दिल में।
ना पैर जाना चाहते थे, ना पैर आगे बढ़ सके, हटी ना नज़र नज़रों से,
है कौन, था सवाल दिल का दिल से, मिला ना जवाब तो दिल में।
ओझल हो गई वह मूरत, ढूँढ़ रहा मैं उनकी सूरत, रह गई नज़र-नज़र में,
था चैन जो दिल में, बना गई बेचैन उसे, उठी चाहत दिलों में मिले नज़र फिर से।
जाना तो जाना कहाँ, ना था पता पास में, हो गई मोहब्बत तो एक पल में
करूँ अरज मेरे बेचैन दिल से, खोना ना उम्मीद, मिल जायेगी नज़र नज़र से।
सतगुरू देवेंद्र घिया (काका)




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Publications
He has written about 10,000 hymns which cover various aspects of spirituality, such as devotion, inner knowledge, truth, meditation, right action and right living. Most of the Bhajans are in Gujarati, but there is also a treasure trove of Bhajans in English, Hindi and Marathi languages.
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